Kanjoos Jokes in Hindi

Kanjoos Jokes in Hindi

  • एक सेठजी बड़े कंजूस थे। एक दिन उनके बेटे ने कहा  – ”पिताजी, मुझसे एक गलती हो गई है। एक लड़की मेरी वजह से मां बनने वाली है। उसका मुंह बन्द रखने के लिये या तो मुझे उसे एक लाख रूपये देने पड़ेंगे या फिर उससे शादी करनी पड़ेगी।”
    सेठजी ने मजबूरीवश एक लाख रुपये उसके हवाले कर दिए।
    कुछ दिन बाद कमोबेश ऐसी ही स्थिति में उन्हें अपने दूसरे बेटे को भी एक लाख रुपये देने पड़े ।
    साल भर बाद उनकी जवान बेटी रोती हुई उनके पास आई और बोली – ”पिताजी, मुझसे भूल हो गई है। मैं बिना शादी किये ही मां बनने वाली हूं। यह हरकत मेरे साथ शहर के सबसे बड़े धनवान आदमी के बेटे ने की है।”
    पिता ने उसे दिलासा देते हुये कहा – ”चिन्ता न कर बेटी ! आखिर राम राम करते वह दिन आ ही गया जब मैं अपने नालायक बेटों द्वारा किया गया नुकसान  ब्याज सहित वसूल कर सकता हूं।
  • एक कंजूस आदमी जिंदगी भर अपने पुत्रों को कम से कम खर्च करने की हिदायतें देता रहा था। जब वह मरणासन्न स्थिति में पहुंच गया तो पुत्र आपस में मशवरा करने लगे कि किस प्रकार पिता की इच्छा के अनुसार कम से कम खर्च में उनकी अंतिम यात्रा निपटाई जाए।
    एक ने कहा – ”ऐम्बुलेंस में ले जाया जाए।”
    दूसरे ने कहा – ”नहीं, ऐम्बुलेंस बहुत मंहगी होगी। ठेलागाड़ी में ले चलते हैं।”
    तीसरे ने कहा – ”क्यों न साइकिल पर बांधकर ले चलें?”
    यह सब सुनकर कंजूस से रहा नहीं गया। उठकर बोला – ”कुछ मत करो, मेरा कुर्ता और जूते ला दो। मैं पैदल ही चला जाऊंगा।
  • “एक डॉक्टर के घर में पाइप टूट गया। उसने एक प्लम्बर को बुलाया। प्लम्बर आया, आकर अपने बैग से  औजार निकाले, थोड़ी देर ठोकपीट करके पाइप जोड़ा और डॉक्टर को 2000 रु. का बिल थमा दिया ।

    बिल देखकर डॉक्टर साहब एकदम आपे से बाहर हो गये – यह क्या मजाक है ? एक प्लम्बर होकर तुम्हारी फीस इतनी ज्यादा है जबकि मैं एक डॉक्टर होने के बावजूद इतनी फीस नहीं लेता ….. ?

    प्लम्बर ने शांतिपूर्वक जवाब दिया – जब मैं डॉक्टर था तब मैं भी नहीं लेता था …… !

  • “एक कंजूस आदमी जब मरने लगा तो उसने अपने तीनों बेटों को बुलाया और बोला – मैंने हमेशा लोगों को यह कहते सुना है कि मरने के बाद आदमी के साथ कुछ भी नहीं जाता। लेकिन मैं इस धारणा को गलत साबित कर दूंगा। मेरे पास कुल तीन लाख रुपये हैं। मैं तुम तीनों को एक-एक लिफाफा दूंगा जिनमें से हरेक में एक लाख रुपये होंगे। मैं चाहता हूं कि मुझे दफनाते समय तुम लोग ये रुपये मेरी कब्र में डाल दो।

    जब वह आदमी मर गया तो वादे के मुताबिक तीनों बेटों ने उसकी कब्र में अपने अपने लिफाफे डाल दिए।

    घर लौटते समय बड़ा बेटा गमगीन स्वर में बोला – भाई, मुझे बड़ी आत्मग्लानि हो रही है। मुझे बैंक का कर्ज लौटाना था इसलिए मैंने लिफाफे से 25 हजार निकाल लिए थे।

    मंझला बेटा भी आंखों में आंसू भरकर बोला – मैंने भी नया घर खरीदा है । उसके लिए 40 हजार की जरूरत थी सो मैंने लिफाफे में केवल 60 हजार ही डाले हैं।

    उन दोनों की बातें सुनकर छोटा बेटा तैश में आकर बोला – शर्म आनी चाहिए! आप लोग पिताजी की अंतिम इच्छा का भी पालन नहीं कर सके। मैंने तो एक पैसे की भी बेईमानी नहीं की। पूरे एक लाख का चेक लिफाफे में डालकर आया हूं ……………. !

  • “कौन कितना बड़ा कंजूस है, इस बात को लेकर संता और बंता में बहस हो रही थी।

    संता – मैं इतना कंजूस हूं कि अपने हनीमून के लिए मैं अकेला ही चला गया और आधे पैसे बचाए ।

    बंता – अजी ये भी कोई कंजूसी हुई । मेरी सुन।  मैंने हनीमून के लिए अपनी बीबी को अपने दोस्त के साथ भेज दिया और पूरे पैसे बचाए …..

  • “संता को उसके दोस्त ने अपने घर खाने पर बुलाया। निर्धारित समय पर जब संता दोस्त के घर पहुंचा तो देखा दरवाजे पर ताला लगा हुआ है और एक कागज चिपका है जिस पर लिखा है – मैंने तुम्हें बेवकूफ बनाया ।

    संता ने फौरन होशियारी दिखाते हुए उस लाइन के नीचे लिखा – मैं तो आया ही नहीं था ।

  • संता और बंता एक मेले में गए । वहां एक हेलिकॉप्टर आया हुआ था जो मेले का चक्कर लगवाने के सौ रुपए लेता था। बंता हेलिकॉप्टर की सवारी करना चाहता था पर संता बहुत कंजूस था। बोला – यार, पांच मिनट की सवारी करके तू कौन सा राजा बन जाएगा। सौ रुपए आखिर सौ रुपए होते हैं ….

    बंता फिर भी जिद कर रहा था और संता बार-बार यही कहे जा रहा था कि – समझा कर, सौ रुपए आखिर सौ रुपए होते हैं यार

    उनकी बातचीत पायलट ने सुन ली। वह बोला – सुनो, मैं तुम लोगों से कोई पैसा नहीं लूंगा। लेकिन शर्त यह होगी कि सवारी के दौरान तुम दोनों में से कोई भी एक शब्द भी नहीं बोलेगा। अगर बोला तो सौ रुपए लग जाएंगे।

    उन्होंने ने शर्त मान ली। पायलट ने उन्हें पिछली सीट पर बिठाया और उड़ गया। आसमान में पायलट ने खूब कलाबाजियां की ताकि उन दोनों की आवाज निकलवा सके पर पीछे की सीट से कोई नहीं बोला। आखिर जब वे नीचे उतरने लगे तब पायलट ने कहा – अब तुम लोग बोल सकते हो । यह बताओ, मैंने इतनी कलाबाजियां कीं । तुम्हें डर नहीं लगा । न तुम चीखे न चिल्लाए…..।

    अब संता बोला – डर तो लगा था। और उस वक्त तो मेरी चीख निकल ही गई होती जब बंता नीचे गिरा, पर तुम समझते हो यार, सौ रुपए आखिर सौ रुपए होते हैं …..

  • “तीन कंजूस दोस्त एक रोज प्रवचन सुनने के लिए गए। प्रवचनकर्ता संत ने प्रवचनों के बाद किसी सत्कार्य के लिए सभी से चंदा देने के लिए पुरजोर अपील करते हुए कहा कि हरेक कुछ न कुछ जरूर दे।

    जैसे-जैसे चंदे वाला थाल उन कंजूसों के नजदीक आता गया वे बेचैन हो उठे। यहां तक कि उनमें से एक बेहोश हो गया और बाकी दो उसे उठाकर बाहर ले गए।

Jokes on Kanjoos Husband

  • “कंजूस का एक रुपया छत से नीचे गिर गया, कंजूस नीचे पहुंचा तो रुपया नही मिला।

    क्यों?

    कंजूस रुपये से पहले नीचे पहुंच गया था।

  • “डाकू ने सेठ को धमकाते हुए कहा – बोल ! चमड़ी देगा या दमड़ी ?

    सेठ बोला – भैया, चमड़ी ही ले ले दमड़ी आखिर बुढ़ापे में काम आयेगी … !

  • “एक कंजूस जंगल से गुजर रहा था कि अचानक उसके पाँव में काँटा चुभ गया.
    वो बोला – “अच्छा हुआ चप्पल पहनकर नहीं आया, वरना उसमें छेद हो जाता.
  • आज शाम तक अगर पचास हजार रूपयों का इन्तजाम नहीं हुआ तो बेइज्जती से बचने के लिये मुझे जहर पी लेना पड़ेगा! क्या तू मेरी मदद कर सकता है दोस्त ?”
    ”क्या करूं ? मेरे पास तो एक बूंद भी नहीं है!
  • “संता की  दो  करोड़ की लॉटरी निकली.
    लॉटरीवाला – आपको टैक्स काटकर 1.75 करोड़ मिलेंगे.
    संता – ये गलत बात है. मुझे पूरे  2 करोड़ दो, नहीं तो मेरे टिकट के 100 रुपये वापिस करो … !
  • “एक कंजूस आदमी का बेटा अपनी गर्ल-फ्रेंड के साथ घूमने गया.
    लौटकर आया तो कंजूस ने पूछा – “कितने रुपए उड़ा आए ?”
    बेटा – “ढाई सौ.”
    यह सुनकर कंजूस नाराज़ होकर गालियाँ देने लगा.
    बेटा – “और क्या करता बापू….. उसके पास इतने ही थे … ?
  • “सुमित : मेरे पापा इतने होशियार  है कि  वो जब भी माचिस लेते है  तो माचिस की तीलियां  डिब्बी  खोल  कर  गिनते है !
    हरेन्द्र : ये तो कुछ भी नहीं.  मेरे पापा तो इतने होशियार  है कि  वो जब भी माचिस लेते है  तो सारी तीलियां जलाकर  देखते है !!!
  • “भिखारी- अल्ला के नाम पे दे दो बाबूजी !
    मुनी – 100 के छुट्टे हैं बाबा ?
    भिखारी – हाँ हैं.
    मुनी – तो जाकर पहले इन्हें खर्च कर ले !!!
  • “बंता – तुमने इतने छोटे-छोटे बाल क्यों कटवाए … ?
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    संता – दरअसल नाई के पास 3 रुपये छुट्टे नहीं थे तो मैंने कहा  कि 3 रुपये के और काट दे … !!!
  • “एक मंत्रीजी भाषण दे रहे थे, उसमें  उन्होंने एक कहानी सुनाई…
    एक व्यक्ति के तीन बेटे थे… उसने तीनों को 100-100 रुपये दिए,और ऐसी वस्तु लाने  को कहा जिससे कमरा पूरी तरह भर जाये !
    “पहला पुत्र 100 रुपये की घास लाया…पर कमरा पूरी तरह नहीं भरा !
    दूसरा पुत्र 100 रुपये की कपास लाया… उससे भी कमरा पूरी तरह नहीं भरा !
    तीसरा पुत्र 1 रुपये की मोमबत्ती लाया … और उससे पूरा कमरा प्रकाशित हो गया ! ”
    आगे उस मंत्री ने कहा… हमारे राहुलजी उस तीसरे पुत्र की तरह है ! जिस दिन से राजनीति में आये है उसी दिन से हमारा देश उज्जवल प्रकाश और समृद्धिसे जगमगा रहा है…
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    तभी पीछे से अन्ना की आवाज़ आई… ” बाकी  के 99 रुपये कहा है ?
  • “टैक्सी ड्रायवर (कंजूस पैसेंजर से) – “सर, गाड़ी के ब्रेक फेल हो गए हैं, अब क्या करूँ ?”
    पैसेंजर (गुस्से से) -“हरामखोर ! पहले मीटर बंद कर ….. !
  • “कंजूस पति  – “जब मैं सूट पहनकर सब्जी लेने जाता हूँ दुकानदार मुझे मँहगी सब्जी देता है, जब मैं मैला कुरता-पाजामा पहनकर सब्जी लेने जाता हूँ तो सब्जी सस्ती मिलती है … !”
    पत्नी – “हाथ में कटोरा लेकर जाया करो …. सब्जी मुफ्त में मिल जाया करेगी !
  • “3 दोस्त, जो बेहद कंजूस थे, एक दिन प्रवचन सुनने के लिए गए.
    प्रवचन की समाप्ति पर प्रवचन करने वाले संत ने सभी उपस्थित लोगों से किसी सत्कार्य के लिए चन्दा देने की अपील की.
    एक आदमी एक थाल लेकर जनता के बीच घूमने लगा जिसमें लोग चंदे के रुपये डालने लगे.
    जैसे-जैसे चंदे का थाल उन तीनों कंजूस दोस्तों के नज़दीक आता गया, उनकी बेचैनी बढ़ने लगी.
    और जैसे ही चंदे वाला थाल उनकी लाइन में आया, बेचैनी इतनी बढ़ी कि उनमें से एक बेहोश हो गया और बाकी दो उसे उठाकर बाहर ले गए.
  • “पति (पत्नी को आवाज़ लगाते हुए) – “आज मेरे सिर में बहुत दर्द हो रहा है … ज़रा पड़ोस वाले शर्माजी के घर से विक्स की डिब्बी तो मांग लाना … ?”
    पत्नी – “अरे वो नहीं देंगे … ”
    पति – “साले एक नंबर के कंजूस हैं … चलो अपनी ही निकाल लो … मेरी टेबल की दराज में पड़ी है …. !
  • “एक कंजूस आदमी का 5 साल का बेटा …..
    बेटा – “पापा, 2 रुपये दो ना …!”
  • कंजूस – “चल भाग … नहीं दूंगा !”
    बेटा – “पापा दो ना … आपको दूधवाले और माँ की एक बात बताऊँगा !”
    कंजूस – “ये ले 10 का नोट और जल्दी बता … ?”
    बेटा – “कल दूधवाला …. माँ को बोल रहा था कि तुमने अभी तक इस महीने के पैसे नहीं दिए, कल से दूध नहीं मिलेगा !!!”
    इतना कहकर बेटा छू-मंतर हो गया ….
  • “कंजूस आदमी की पत्नी – “सुनते हो जी, कल रात मैंने आपको सपने में  देखा !”
    कंजूस – “अच्छा ! क्या देखा ?”
    पत्नी – “मैंने देखा कि आप और मैं बस में बैठे कहीं जा रहे हैं कि अचानक बस ने कंट्रोल खो दिया और नदी में जा गिरी … हर कोई अपनी जान बचाने के लिए तैर रहा था पर आप चिल्ला रहे थे और किसी को ढूंढ रहे थे !”
    कंजूस – “मैं तुम्हें आवाज़ दे रहा था ना ? तुम्ही को ढूंढ रहा था ना ?”
    पत्नी – “नहीं … आप चिल्ला रहे थे – ‘अरे ये कंडक्टर कहां गया ? तीन रुपये वापस लेने थे … !!!

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