Deedar Shayari in Hindi

Deedar Shayari in Hindi

  • सुपुर्दे ख़ाक कर डाला तेरी आंखों की मस्ती ने हज़ारों साल जी लेते अगर दीदार ना होता.
  • जिसके दीदार के लिए दिल तरसता है,
    जिसके इंतज़ार में दिल तड़पता है
    क्या इस दिल का कोई करे,
    जो अपना हो कर भी किसी और के लिए धड़कता है
  • कुछ नज़र आता नहीं उस के तसव्वुर के सिवा
    हसरत-ए-दीदार ने आँखों को अंधा कर दिया…
  • मायूस तो हूँ वादे से तेरे कुछ आस नहीं और आस भी है,
    मैं अपने खयालों क��� सदके, तू पास नहीं और पास भी है।
    हमने तो खुशी मांगी थी मगर जो तूने दिया अच्छा ही किया,
    जिस गम का तअल्लुक हो तुमसे वो रास नहीं और रास भी है।
    अश्कों से छलकती आंखों में तस्वीर झलकती है तेरी,
    दीदार की प्य���सी आंखों को, अब प्यास नहीं और प्यास भी है।
  • झुकी हुई पलको से उनका दीदार किया
    सब कुछ भुला के उनका इंतजार किया
    वो जान ही नहीं पायी ���ेरे जज्बात को
    जिन्हें दुनिया मे सबसे ज्यादा प्यार किया.
  • दीदार ही किया तो गुनहगार हो गये,
    आज सरे जमाने मे शर्मसार हो गये,
    अब हमसे हर शख्स नजर चुराए फिरता है,
    जो जी भर उन्हें देखने के तलबगार हो गये.
  • मय में वह बात कहाँ जो तेरे दीदार में है,
    जो गिरा फिर न उसे कभी संभलते देखा।
  • दोस्ती इम्ति���ान नही विश्वास मांगती है,
    नज़र और कुछ नही दोस्त का दीदार मांगती है,
    ज़िंदगी अपने लिए कुछ नही पर आपके लिए,
    दुआ हज़ार मांगती है…

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  • नज़र चाहती है दीदार करना;
    दिल चाहता है प्यार करना;
    क्या बतायें इस दिल का आलम;
    नसीब में लिखा है इंतजार करना।
  • हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते है
    जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते है
    मुस्तकिल जूझना यादो से बहुत मुश्किल है
    रफ्ता-रफ्ता सभी घरबार में खो जाते है
  • भोले से चहरे पर, वो प्यारी सी मुस्कान, दीवाना बना ���ी देती है
    कैसे   संभाले  खुद को, आँखे उनका दीदार  करा  ही   देती   है
    दे दी जन्नत की सारी खूबियाँ इनको, तो  भी  शिकवा  नहीं तुझसे
    गम है की हमें क्यों दे दिया दिल और क्यों दी आँखे हुस्न-ऐ-दीदार को
  • तेरे इंतज़ार में यह नज़रें झुकी हैं;
    तेरा दीदार करने की चाह जगी है;
    न जानूँ तेरा नाम, न तेरा पता;
    फिर भी न जाने क्यों इस पागल दिल में;
    एक अज़ब सी ���ेचैनी जगी है।
  • तेरे इंतजार मे कब से उदास ���ैठे है तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे है
    तू एक नज़र हम को देख ले इस आस मे कब से बेकरार बैठे है
  • आह और दर्द बस तेरा तलबगार हुआ
    आंख पत्थर हुई, अश्क आबशार हुआ
    ये जुदाई भी अमावस का एक सितारा है
    चांद के बिन ये फलक भी दागदार हुआ
    मेरी पलकों का झपकना बड़ा मुश्किल है
    ऐसा तबसे है जबसे तेरा दीदार हुआ
  • दिल ने आज फिर तेरे दीदार की ख्वाहिश
    रखी हैँ…
    अगर फुरसत मिले तो ख्वाबों मे आ
    जाना…
  • आज कफन उठा कर
    आखिरी बार दीदार
    कर लो
    ऐ सनम वो आँखे बदँ
    हो गई है
    रोज तेरा इतंजार कि���ा करती थी.

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