Best New Dil Shayari in Hindi 2019 | दिल शायरी इन हिंदी

  • Zindagi Ke Har Mod Par Sath Tum Mere Rehna
    Door Chahe Tum Raho Pr Dil Main Sada Rehna!!!
  • सब कुछ है नसीब में, तेरा नाम नहीं है
    दिन-रात की तन्हाई में आराम नहीं है
  • मैं चल पड़ा था घर से तेरी तलाश में
    आगाज़ तो किया मगर अंजाम नहीं है
  • मेरी खताओं की सजा अब मौत ही सही
    इसके सिवा तो कोई भी अरमान नहीं है
  • कहते हैं वो मेरी तरफ यूं उंगली उठाकर
    इस शहर में इससे बड़ा बदनाम नहीं है
  • ये उनके हुस्न की इन्तेहाँ थी….���ा हमारी दीवानगी का आलम… के…जब से उनको देखा है….देखते ही रह गये….
  • Dil Ko Kabhi Bardasht Na Hoga, Aap Se Door Jana,
    Kitne Aansoo Bahenge Aankh Se, Unki Ginte Na Hona,
    Dil Tu Manta Hi Nahi Hai Ap Se Bichadna,
    Is Janam Mein Nahi Ho Sakata, Apko Ko Bhulana
  • दिल बेजुबां है वरना हम बोल भी देते
    हर राज़ अपने दिल का हम खोल भी देते
    तूम हमपे तरस खाके देती हो शराब साकी
    जो दिलबर तरस खाए तो पीना छोड़ भी देते
    ये इश्क तो इकरार न इंकार है ऐ दोस्त
    कभी आईना जो बोले तो उसे तोड़ भी देते
    फिर रात ढ़ल रही है आशियां में तेरे राज़
    उनकी याद ना आए तो जीना छोड़ भी देते
  • क्यूँ रोज़ मुझसे मिलता , भोला सा एक चेहरावो हुस्न की बला सा ,नज़रें गड़ाए चेहरा
  • Jab Kabhi Bhi Tanha Dil Hua To,
    Ap Ki Yadoun Se Use Bhar Denge,
    Ap Se Milna Mushkil Hua Tu,
    Kwabon Mein Ane Ka Intejar Karenge
  • तेरी दिल्लगी भी इश्क में मेरे दिल का गुल खिलाएगी
    तेरी बेवफाई भी मुझसे एक हसीन गजल लिखवाएगी
    तुमसे वफा की आस भी रखूं भी मैं किस राह पर
    मालूम है तू एक दिन बड़ी दूर निकल जाएगी
    सज़दे की वो जमीं है, जहां बैठकर मैं रोता हूं
    तेरे दर्द के इन अश्कों में मेरी मिट्टी भी गल जाएगी
    बरसों बरस भी धूप है, सूरज ही जिसका रूप है
    इस जिंदगी की आग से तू चांद में बदल जाएगी
  • तेरे हुस्न की क्या तारीफ़ करूँ तेरे हुस्न की क्या तारीफ़ करूँ कुछ कहते हुए भी डरता हूँ कहीं भूल ���े तू ना समझ बैठे की मैं तुझसे मोहब्बत करता हूँ
  • Dil Se Aapka Khayal Jata Nahi,
    Apke Siva Koi Yaad Aata Nahi,
    Ji Chahta Hai Ke Apko Roz Dekhun Par,
    Woh Waqt Kabhi Aata Nahi…
  • इश्क के इस दाग का एक बेवफा से रिश्ता है
    इस दुनिया में सदियों से आशिक का ये किस्सा है
    दर्दे-दिल की आग को कोई सागर क्या बुझाएगा
    दिलजला तो मौत के पहलू में जाकर ही बुझता है
    हर सितम एक आईना है, तुमको देखूं बार-बार
    खूने-जिगर तो तेरी जफा ही पाने को तरसता है
    कागज के फूलों की खूशबू भर जाती है आंखों में
    तेरे इन पुराने खतों में तेरा साया दिखता है
  • जिन्दगी बैठी थी अपने हुस्न पै फूली हुई,मौत ने आते ही सारा रंग फीका कर दिया।
  • Maine Bhi Dil Ka Dard Bayan Kiya Hai,
    Khusi Ka Har Lumha Tere Naam Kiya Hai,
    Dekho Zara Ye Mera Bigra Howa Mukadar,
    Kismat Ne Har Jagah Nakam Kiya Hai….
  • हम तेरी मुहब्बत में आफताब बन गए
    जिसमें न धुंआ हो वो आग बन गए
    उगते रहे हैं शूल भी सीने की जमीं से
    जबसे तुम मेरे दिल के गुलाब बन गए
    अब देखना दुनिया को न हो सका मुमकिन
    तुम मेरी निगाहों पे नकाब बन गए
    हम आज तक छुपाते रहे राज ए मुहब्बत
    न जाने तुम किस तरह हमराज बन गए
  • वो हुस्न जिसको देख के कुछ भी कहा न जाएदिल की लगी उसी से कहे बिन रहा न जाए ।क्या जाने कब से दिल में है अपना बसा हुआऐसा नगर कि जिसमें कोई रास्ता न जाए ।
  • Lakh Bandisen Laga Le Duniya Hum Par,
    Mgr Dil Par Kaboo Nahi Kar Payenge,
    Wo Lumha Aakhiri Hoga Zeevan Ka Humara,
    Jis Din Hum Yaar Tujhe Bhool Jayenge….
  • आके तू मेरी मौत पे एक फूल चढ़ा दे
    ताउम्र तेरे इश्क में मरने की दुआ दे
    उंगली को न तू रोक अब, छूने दे मेरे नब्ज़ तू अपनी धड़कनें तो मेरे रग को सुना दे
    ले चल मेरी मैयत को तन्हाई में कहीं
    और हुस्न की इस आग से ये लाश जला दे
    मेरी खाक को आँचल में ही बाँध लेना तुम
    इस पोटली को तू किसी दरिया में बहा दे
  • ये हुस्न तेरा ये इश्क़ मेरारंगीन तो है बदनाम सहीमुझ ���र तो कई इल्ज़ाम लगेतुझ पर भी कोई इल्ज़ाम सहीइस रात की निखरी रंगत कोकुछ और निखर जाने दे ज़रानज़रों को बहक जाने दे ज़राज़ुल्फ़ों को बिखर जाने दे ज़राकुछ देर की ही तस्कीन सहीकुछ देर का ही आराम सही
  • Phir Se Woh Sapne Sajane Chala Hoon,
    Umedoon Ke Sare Dil Lagane Chala Hoon,
    Anzam Tu Mera Bura Hi Hoga,
    Phir Bhi Tumhein Aapna Banane Chala Hoon…
  • कहता हूं मैं ये बात भी तेरी भलाई के लिए
    न चुन तू टूटी चूड़ियां अपनी कलाई के लिए
    इस दिल को ये मंजूर है, तू खुश रहे हर हाल में
    मुझसे न तू ये इश्क कर दर्दे-जुदाई के लिए
    दुनिया पे मैं एक दाग हूं, तन्हा सा नाशाद हूं
    जज़्बात में जीता हूं बस दिल जलाई के लिए
    मुफलिस के दामन से तुझे मिलेगा क्या भला
    तू मान जा धनवान से अपनी सगाई के लिए
  • हुस्न को बे-हिजाब होना था शौक़ को कामयाब होना था हिज्र में कैफ़-ए-इज़्तराब न पूछ ख़ून-ए-दिल भी शराब होना था तेरे जल्वों में घिर गया आख़िर ज़र्रे को आफ़ताब होना था कुछ तुम्हारी निगाह काफ़िर थी कुछ मुझे भी ख़राब होना था
  • Bebas Hai Dil Beraham Hai Niganein,
    Marne Sy Pahaly Thaam Leina Meri Bahein,
    Fir Maloom Nhi Manzil Mile Na Mile,
    Sambhal Kr Chalna Kantoon Bhari Hain Rahein…
  • किया है इश्क मगर मैं बिछड़ गया तन्हा
    उसे मैं देखकर हर बार गुजर गया तन्हा
    याद आता है मुझे उसके जूड़े का बंधन
    जो मेरे सीने को बांधे चला गया तन्हा
    वो कैसा दर्द भरा था उसकी आंखों में
    जो मेरी आंखों में आके बह गया तन्हा
    कहीं पे खोयी सी रहती थी वो उदासी में
    रू ब रू उसके मैं आईना बन गया तन्हा
  • अपने हुस्न पर मेरी जान गुरूर नहीं करती….अरे!!…कोई तो उसे बताओ…उस सा हसीं दुनिया में…कोई और नहीं,
  • Kabhi Mohabbat Karo Tu Hum Se Karna,
    Dil Ki Baat Zuban Par Aaye Tu Hum Se Kehna,
    Na Kah Sako Tu Aankhein Jhuka Lena,
    Hum Samjh Jayenge Humein Kuch Na Kehna…
  • देखें कि जमाने में क्या गुल खिलाते हैं हम
    अब तक तो दर्द को ही उगाते रहे हैं हम
    कश्ती के मरासिम से दरिया में आ गए
    वरना किनारों से ही दिल लगाते रहे हैं हम
    मुहब्बत की आग में जो जलके खाक हो चुके
    उनमें भी कुछ धुएं को जगाते रहे हैं हम
    नहीं जानता बेवफाओं से क्या रिश्ता हमारा
    अब तक तो उनसे फासले बनाते रहे हैं हम
  • तराशा है उनको बड़ी फुर्सत सेजुल्फे जो उनकी बादल की याद दिला दे नज़र भर देख ले जो वोह किसी कोनेकदिल इंसान की भी नियत बिगड़ जाए.
  • uttaha kr dill mera wahi pathar p de mara
    dost,,,
    main kehta hi reh gya dekho ic main
    tum ho
    tum ho
    tum ho
  • हो सकता है तेरे दिल में मेरे खातिर जगह न हो
    हो सकता है इसके पीछे, किसी तरह की वजह न हो
    लो गुनाह कुबूल किया, फिर आशिक कहता है कि
    दुनिया तेरी कचहरी में मेरे इश्क पे जिरह न हो
    रात में शाम का बादल ही चांद का कातिल बनता है
    सोचता हूं कि तेरे बिन अब इन रातों की सुबह न हो
    तू है गैर के घर में और मैं हो गया जग से पराया
    इश्क की दुनिया में किसी का अंजाम मेरी तरह न हो
  • तुम सामने बैठी रहो,तुम्हारा हुस्न पीता रहूँ।मौत आ गयी जो दरमियाँ,मरकर भी मैं जीता रहूँ।
  • Tu nahi to zindagi main aur kya reh jayega
    dur tak tanhaiyon ka silsila reh jayega
    kijiye kya guftagu kya un se mil kar sochiye
    dil-shikasta khvahishon ka zayaqa reh jayega
    dard ke sari tahen aur sare guzri hadase
    sab dhuan ho jayenge ek vaqiya reh jayega
    ye bhi hoga wo mujhe dil se bhula dega magar
    yun bhi hoga khud usi mein ek khala reh jayega
    dayar-e-inkar ke iqarar ke saragoshiyan
    ye agar tute kabhi to fasala reh jayega
  • ढूंढकर पाएंगे क्या हम दुनिया के घर-बार में
    क्या मिलेगा दिल को इस दौलत के बाजार में
    बस पूछते हैं सब यही काम क्या करता हूं मैं
    कहता हूं दिल पे हाथ रख, मैं हूं इसके बेगार में
    मुंह मोड़ गए थे तुम मेरी मायूस सूरत देखकर
    तूने भी ये देखा नहीं कि क्या है दिले-बीमार में
    तन्हाइयों की रात में हम सो नहीं पाए कभी
    बस छत पे टहलते रहे सोए हुए संसार में
  • हुस्न वाले वफ़ा नहीं करते,इश्क वाले दगा नहीं करते,जुल्म करना तो इनकी आदत है,ये किसी का भला नहीं करते |
  • Tu mujhe itane pyar se mat dekh
    teri palkon ne narm saye mein
    dhup bhi chandani si lagti hai
    aur mujhe kitni dur jana hai
    ret hai garm, panv ke chale
    yun damakate hain jaise angare
    pyar ke ye nazar rahe, na rahe
    kon dasht-e-vafa mein jata hai
    tere dil ko khabar rahe na rahe
    tu mujhe itane pyar se mat dekh
  • कानों में है गूंजती दिन-रात यूं तेरी सदा
    सुन नहीं पाया दुनिया से आती हुई कोई हवा
    दिल के हर जज़्बात से गम आशना है इस कदर
    दर्द ही देता है मुझको मुस्कुराने की दवा
    बेवफा है दुनिया में सजता हुआ हर आईना जो उस चमक में खो गए वो भूल गए अपनी वफा
    हो गया आसान कितना जीना अब तन्हाई में
    मुश्किल में थी जब जिंदगी, वो कह गए अलविदा
  • दिल्लगी नहीं शायरी जो किसी हुस्न पर बर्बाद करें,यह  तो एक शमा है जो उस नूर क��� पयाम है.
  • Yahi bahut hai ke dil us ko dhund laya hai
    kisi ke sath sahi wo nazar to aaya hai
    karun shikayaten takata rahun ke pyar karun
    gaye bahar ke surat wo laut aaya hai
    wo samane tha magar ye yaqin na aata tha
    wo aap hai ke meri khvahishon ka saya hai
    azab hup ke kaise hain barishen kya hain
    fasil-e-jism giri jab to hosh aaya hai
    main kya karunga agar wo na mil saka ‘amjad’
    abhi abhi mere dil mein khayal aaya hai
  • टूटेंगे नहीं उम्मीद के तारे तब तलक
    दुनिया में रहेंगे बेसहारे जब तलक
    शाम बेचेहरा अक्स है इंतजारों का
    रहेगा आईने-मुद्दत ये जाने कब तलक
    तू फसाने को कागज पे लिखती तो है
    मेरा किरदार नहीं लिखा तूने अब तलक
    मेरी देहरी की सीढ़ी तेरे कदम चूमे
    यही ख्वाहिश है जिस्मो-जां से लब तलक
  • हुस्न पर जब भी मस्ती छाती है;तब शायरी पर बहार आती है!पीके महबूब के बदन की शराब;जिंदगी झूम-झूम जाती है!
  • Tumhari mast nazar agar idhar nahi hoti
    nashe mein choor fiza is kadar nahi hoti
    tumhin ko dekhane ke dil mein aarazuen hain
    tamhare aage hi aur unchi nazar nahi hoti
    khafa na hona agar bad ke tham lun daman
    ye dil fareb khata jan kar nahi hoti
    tumhare aane talak hum ko hosh rehta hai
    phir usake bad hamen kuch khabar nahi hoti
  • न जीतने की जिद ही थी, न हारने का सवाल था
    मुझे जिंदगी में हर कदम पर मौत का खयाल था
    किसको कहूं और क्या कहूं, फिर सोचता हूं क्यूं कहूं
    यहां दोस्त हैं कई मगर, हमराज का अकाल था
    खुलते गए मेरे सामने दरवाजों में लगे आईऩे
    देखा कि उस मकान में हर अक्स बदहाल था
    आंखों में जिनके बस गई दुनिया भर की रौनकें
    वो शख्स बेवफाई का एक जिंदा मिसाल था
  • आपके हुस्न कि तारीफ में सोचता हूँ कुछ अल्फाज लिखूं ,लिखा ना हो जो अब तक किसी ने ऐसा कुछ आज लिखूं ….गीत लिखूं या गजल लिखूं ,शायरी लिखूं या कलाम लिखूं ,लिखने को बेचैन हूँ ,पर समझ ना आए क्या लिखूं ….
  • Wo na dur hai na qarib hai
    ye jo hijr hai ye nasib hai
    jo visal tha wo to khwab tha
    ye khayal kitna ajeeb hai
    wohi aansuon mein duaon mein
    wohi dukh sukh mein qarib hai
    jo main sochata hun kah sakun
    mera harf harf raqib hai
    ye falak zamin ko samet le
    mera dil bhi kitna garib hai
  • सांस रुक जाए मगर आंखें कभी बंद न हो
    मौत आए भी तो तुझे देखने की जिद खत्म न हो
    दर्द उठता है तो बस ये ही दुआ करता हूं
    तेरे दिल में मेरे खातिर कोई भी जख्म न हो
    जिन चिरागों को जलाने के लिए आग नहीं
    उनकी लाशों पर कभी जुगनुओं का जश्न न हो
    जिंदगी तुमसे मेरा खून का रिश्ता है मगर
    फिर से मेरा ऐसे रिश्तों में कभी जन्म न हो
  • न कर शायरी को बदनाम हुस्न का नाम देकरयह तो ख़ुदा का मुक़ाम है.जिस्म फ़रोशी नहीं शायरी यह तो रूह का पयाम है.
  • Tum ne dil ke baat kah di aj ye acha hua
    hum tumhen apna samajhate the bada dhokha hua
    jab bhi hum ne kuch kaha us ka asar ulata hua
    aap shayad bhulate hain barha aisa hua
    aap ke aankhon mein ye aansu kahan se aa gaye
    hum to divane hain lekin aap ko ye kya hua
    ab kisi se kya kahen ‘iqbal’ apni dastan
    bas khuda ka shukr hai jo bhi hua acha hua
  • मुहब्बत आप क्या जाने, शराफत आप क्या जानें
    अरे दुनिया के सौदाई, ये उल्फत आप क्या जानें
    दिलों में जल रहे शोले, निगाहों से गिरे झरने
    कभी महसूस न हो तो ये कुदरत आप क्या जानें
    जिन्हें महबूब की सूरत से बेहतर कुछ नहीं दिखता
    दीवानों का ये पागलपन, ये फितरत आप क्या जानें
    न दौलत है न जागीरें, न रहने का ठिकाना है
    फकीरों की तरह जीने की कीमत आप क्या जानें
  • मुझ को मालूम है तू हुस्न में लासानी हैसारी दुनिया तेरी सौदाई है दीवानी हैतेरी आँखों में है कैफियत ए जाम ए मयनाबसौ बहारों का है आईना तेरा हुस्न ए शबाब
  • Suraj ke har kiran teri surat pe var dun
    dozakh ko chahata hun ki jannat pe var dun
    itni si hai tasalli ki hoga muqabala
    dil kya hai jan bhi apni qayamat pe var dun
    ik khwab tha jo dekh liya neend mein kabhi
    ik neend hai jo teri muhabbat pe var dun
    “adam” hasin neend milegi kahan mujhe
    phir q na zindagani ko turbat pe var dun…

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